नियम-निर्देश :- नियम

अध्याय - एक


1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रांरभ
  • (1) इन नियमों का संक्षिप्त का नाम ''‍भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 '' है ।
  • (2) इनका विस्तार भोपाल स्थित शासकीय आवासीय प्रावधानों के अधीन निर्मित, विभिन्न पूल के शासकीय आवासों तक सीमित रहेंगा ।
  • (3) ये नियम 1 जुलाई , 2000 से लागू होगें ।
2. परिभाषाएँ
  • (1) 'आवंटन' से अभिप्रेत है इन नियमों के उपबन्धों के अनुसार शासकीय आवास का अधिभोग करने का लायसेंस प्रदान करना
  • (2) ‍'आवंटन' वर्ष से अभिप्रेत है एक जनवरी से प्रारंभ होने वाला कैलेण्डर वर्ष या राज्य शासन द्वारा य‍था अधिसूचित कोई अन्य अवधि
  • (3) 'भोपाल' से अभिप्रेत है भोपाल नगर निगम का सीमा क्षेत्र
  • (4) 'राज्य शासन' से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश का राज्य शासन
  • (5) 'संचालक संपदा' से अभिप्रेत है ऐसा अधिकारी जो मध्यप्रदेश शासन द्वारा गृह विभाग के अधीन संपदा संचालक के पदनाम से नियुक्त किया गया हो
  • (6) 'आवंटन' की पात्रता से अभिप्रेत है
  • (क) - राज्य शासन के उन शासकीय कार्यालयो के अधिकारियों / कर्मचारियों को आवास धारण करने की पात्रता जिन्हें राज्य शासन द्वारा उन नियम के अन्तर्गत पूल के आवासों के लिये पात्र घोषित किया गया हो
  • (ख) - अन्य पूल के आवासों के लिए सम्बन्धित पूल के लिए राज्य शासन द्वारा पात्र घोषित व्यक्ति / संस्था की पात्रता
  • (7) 'परिलब्धि' से अभिप्रेत है राज्य शासन द्वारा घोषित वेतनमान के अधीन किसी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी को किसी नियत दिनांक को प्राप्त होने वाला मूलवेतन
  • (8) 'परिवार' से अभिप्रेत है यथास्थिति शासकीय अधिकारी / कर्मचारी की पत्नी अथवा पति एवं आश्रित वैध तथा सौतेले बच्चे
  • (9) 'आवंटन अधिकारी' से अभिप्रेत है ऐसा अधिकारी जो इन नियमों के अंतर्गत आवासों के आवंटन संबधी आदेशों को जारी करने के लिए राज्य शासन द्वारा अधिकृत किया गया हो
  • (10) 'पारी अनुसार' से अभिप्रेत है इन नियमों के अधीन संचालक संपदा द्वारा तैयार की गई अधिकारियो एवं कर्मचारियों की वरिष्ठता सूचियां के क्रम के अनुसार आवास आवंटन का ऐसा क्रम निर्धारित किया जाना, जिस क्रम के आधार पर कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी आवास आवंटन हेतु पात्र समझा जाएगा
  • (11) 'लायसेंस शुल्क' से अभिप्रेत है आवास के अधिभोग के बदले अधिभोग से लिया जाने वाला लायसेंस शुल्क जो राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा
  • (12) "दांडिक दर से अभिप्रेत है आवास किराए की वह दर जो राज्य शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाय।"
  • (13) 'वरिष्ठता सूची' से अभिप्रेत है प्रत्येक श्रेणी के आवासों के लिए एवं इन नियमों के अधीन नियत कोटो एवं पथक पूलो के अधीन पात्रता रखने वाले यथास्थिति अधिकारियां / कर्मचारियों /अन्य व्यक्तियों की तैयार की गई वरिष्ठता सूची
  • (14) 'आवास' से अभिप्रेत है नियम 3 के अधीन निर्मित विभिन्न पूल के भोपाल स्थित शासकीय आवास, किन्तु किसी विभाग विशेष द्वारा उनके विभागीय बजट से निर्मित आवास इसमें सम्मिलित नहीं है
  • (15) 'अस्थायी आवंटन' से अभिप्रेत है किसी विशेष प्रयोजन के लिए अल्पावधि हेतु राज्य शासन द्वारा स्वीकृत लायसेंस शुल्क पर आवास आवंटन
  • (16) 'स्थान्तरण' से अभिप्रेत है भोपाल नगर निगम क्षेत्र से बाहर किसी अधिकारी / कर्मचारी / अन्य व्यक्ति का ऐसा स्थानातरण होना, जिसमें कि उसका मुख्यालय भोपाल नहीं हो
  • (17) 'सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में' सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, निगम, मण्डल, अर्द्व शासकीय संगठन, अर्द्वशासकीय संस्थाएँ संविधिक विश्वविद्यालय , स्वशसीय महाविद्यालय तथा सहाकारी संस्थाएँ सम्मिलित होगें
  • (18) 'अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निजी आवासों ' से अभिप्रेत है किसी अधिकारी / कर्मचारी अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य के स्वामित्व का ऐसा आवासीय भवन या उसका कोई हिस्सा, जो भोपाल नगर निगम क्षेत्र में स्थित हो
  • (19) 'राजनैतिक पाटी' से अभिप्रेत है भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश के लिये मान्यता प्रदत्त कोई राजनैतिक पाटी
  • (20) 'सामाजिक संस्था' से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश सोसाइटीज ‍रजिस्‍टीकरण अधिनियम 1973 के अंतर्गत रजिस्टीकृत, ऐसी अशासकीय संस्था जो सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक , संस्कृतिक, वैज्ञानिक आदि क्षेत्रों में जनकल्याणकारी एवं लोकहित के कार्यो में सलग्न है
  • (21) 'प्रति‍ष्‍िठत एवं गणमान्य व्यक्ति' से अभिप्रेत है भारत के भूतपूर्व राष्टपति, भूतपूर्व उपराष्टपति , भूतपूर्व प्रधानमंत्री, मध्यप्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल, भूतपूर्व मुख्यमंत्री एवं भूतपूर्व विधानसभा अध्यक्ष
  • (22) 'उच्च स्तरीय समिति' से अभिप्रेत है नियम 10 के उपनियम (5) के अधीन मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित समिति
  • (23) 'ख्याति प्राप्त व्यक्ति' से अभिप्रेत है किसी कला या विधा में राष्ट्रीय‍ अथवा राज्य स्तरीय पुरूस्कार से सम्मानित व्यक्ति
  • (24) 'समिति' से अभिप्रेत है 'बी' ' सी 'डी ' एवं 'ई ' श्रेणी के आवास आवंटन के लिए नियम 6 के उप नियम (2) के अंतर्गत प्रमुख सचिव/ सचिव, गृह विभाग की अध्यक्षता मे गठित समिति तथा 'एफ ' 'जी' 'एच' एवं 'आई ' श्रेणी के आवास आंवटन के लिये नियम 6 के उपनियम (4) के अं‍तर्गत संचालक, संपदा की अध्यक्षता में गठित समिति ।
  • (25) 'प्रेसपूल' से अभिप्रेत है राज्य शासन द्वारा समाचार पत्रों से संबंधित अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों / समाचार छाया चित्रकारो के लिए भोपाल स्थित शासकीय आवासों के आवंटन हेतु पृथक किया गया पूल
  • (26) 'समाचार पत्र ' से अभिप्रेत है राज्य शासन के जन संपर्क विभाग की विज्ञापन सूची में अनुमोदित समाचार पत्र
  • (27) 'आवास आंवटन नियम' के प्रयोजन के लिये पत्रकार / समाचार छाया चित्रकार ' से अभिप्रेत है राज्य शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा अधिमान्यता प्रदत्त पत्रकार एवं समाचार छाया चित्रकार, जिसको कि राज्य शासन आवंटन हेतु उपयुक्त समझें

3. आवासों की वर्गीकरण एवं विभिन्न पूल में विवरण -

  • (1) 'राज्य शासन' कारपेट क्षेत्र के आधार पर विभिन्न प्रकार के आवासो की श्रेणी सुनिश्चित कर सकेगा।
  • (2) अवर्गीकृत आवासों का श्रेणियों में पुन- वर्गीकरण किया जा सकेगा, पंरतु वर्तमान रहवासियों को आवंटित रहने की अवधि तक लायसेंस शुल्क यथावत् रहेगा । श्रेणी मे परिवर्तन के बाद केवल नवीन आवंटन के समय से ही नियत श्रेणी के आवास हेतु नियम लायसेंस शुल्क देय होगा।
  • (3) राज्य शासन भोपाल स्थित आवासो को किन्हीं विशिष्ट श्रेणियों के व्यक्तियों को आवंटन करने के लिए अलग‍ पूल स्थापित कर सकेगा । वर्तमान में निम्न प्रकार के पूल होगें ।
  • (क) सामान्य पूल ( शासकीय अधिकारियो एवं कर्मचारियों के लिए उपलब्ध) वे सभी आवास , जो अन्य किसी पूल में नहीं है ।
  • (ख) न्यायिक अधिकारियों के लिए पूल : नियम 11 एवं 12 के अनुसार इसमें 29 आवास होगे ।
  • (ग) विधानसभा अध्यक्षीय पूल : नियम 13 के अनुसार इसमें 29 आवास होगें ।
  • (घ) विशिष्ट सेवाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए पूल - नियम 14 के अनुसार इसमें 500 आवास होंगे ।
  • (ड) प्रेसपूल पत्रकारो के लिये : नियम 15 अनुसार इसमें अधिकतम 150 आवास होगें । राज्य शासन इस पूल के आवासो की सामान्य पूल के अन्य आवासों से आवश्यकता होने पर अदला-बदली कर सकेगा ।

अध्याय - दो



4. सामान्य पूल के आवास के लिए आवेदन पत्र


  • 'ए- टाइप के लिये आवेदन गृह विभाग में उप सचिव, गृह (आवास आवंटन) विभाग को प्रस्तुत किये जायेगें ।
  • 'बी' 'सी' 'डी' एवं 'ई' श्रेणी के आवासों की लिए आवेदन उप सचिव, गृह (आवास आवंटन) विभाग/ संचालक संपदा को तथा 'एफ' 'जी' 'एच' एवं 'आई' श्रेणी के आवासों के लिये आवेदन पत्र संपदा संचालनालय में प्रस्तुत किये जायेगें ।
  • राज्य शासन के किसी कार्यालय में कार्यरत ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी जिनके पास आवास नहीं है, यथा स्थिति प्ररूप एक (क) अथवा एक (ख) में उनके विभाग /कार्यालय प्रमुख अथवा आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित करने के पश्चात् आवास के लिए आवेदन उप सचिव, गृह (आवास आवंटन) विभाग को या यथास्थिति , संचालक , संपदा के कार्यालय में प्रस्तुत करेगें । अपूर्ण आवेदन पत्रों को पूर्ण करने के लिये आवेदको को वापस किया जाएगा ।
  • किसी कैलेण्डर माह की 20 तारीख को या उससे पूर्व प्राप्त 'बी' से 'एफ' श्रेणी के पूर्ण आवेदनों को अगले माह में वरिष्ठता सूची में सम्मिलित किया जा सकेगा । ' आई' से 'जी' श्रेणी के आवासों के आवंटन हेतु प्रति दो वर्ष में एक बार संचालक, संपदा संचालनालय द्वारा आवेदन आमंत्रित किये जाकर वरिष्ठता सूची को अद्यतन किया जावेगा।
  • उप सचिव, गृह (आवास आवंटन) विभाग या यथास्थिति संचालक, संपदा संचालनालय प्रत्येक आवेदन को निर्धारित श्रेणियों में पंजीबद्व करेगा और संबंधित श्रेणी एवं कोटे तथा पूल के आधार पर उसका वरिष्ठताक्रम निर्धारित करेगा ।

5. सामान्य पूल के आवास आवंटन के आवेदन पत्रों के निराकरण की शक्ति तथा पात्रता सूची तैयार करना


  • 1. ‘‘सामान्य पूल से मध्यप्रदेश शासन के सीधे नियंत्रण के अधीन कार्यरत नियमित सेवा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवास आवंटन की पात्रता होगी।’’ स्पष्टीकरण - सामान्य पूल से तदर्थ, दैनिक वेतनभोगी, कंटींजेंसी तथा कार्यभारित कर्मचारियों को आवास आवंटन की पात्रता नहीं होगी।
  • 'ए' 'बी' 'सी' 'डी' एँव 'ई' श्रेणी के आवासों के मामले का निराकरण मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग द्वारा किया जाएगा ।
  • 'एफ' 'जी' 'एच' और 'आई' श्रेणी के आवासों के मामले का निराकरण संपदा संचालनालय द्वारा किया जाएगा ।
  • 'बी' 'सी' 'डी' एवं 'ई' श्रेणी के आवासों के लिए 'अग्रता तारीख' से ताप्पर्य ऐसी पूर्व तारीख से हैं जिससे कोई शासकीय कर्मचारी ऐसे विशिष्ट प्रकार के आवास से संगत, जिसके लिए वह हकदार हो, उपलब्धियां लगातार पाता रहा हो । एक ही तारीख से दो या दो से अधिक अधिकारियों को एक समान वेतन मिलने पर उनकी पारस्परिक वरिष्ठता उनकी भोपाल पदस्थापना की अवधि के आधार पर निर्धारित की जाएगी ।
  • 'एफ' श्रेणी के आवासो में से 50 प्रतिशत आवास भोपाल में पदस्थापना की तारीख के आधार पर वरिष्ठताक्रमानुसार आवंटित किये जाएँगे । शेष 50 प्रतिशत आवासों को ऐसी ' अग्रता तारीख ' के आधार पर आवंटित किया जाएगा , जिस तारीख से कोई शासकीय अधिकारी / कर्मचारी ऐसे आवास से संगत उपलब्धियां लगातार पाता रहा हों ,
  • 'जी' एवं 'एच' श्रेणी के आवास के लिये प्राप्त आवेदनों की भोपाल में नवीन पदस्थापना की तारीख के आधार पर वरिष्ठतानुसार सूची तैयार की जाएगी ।
  • 'आई' श्रेणी के आवासों के लिये प्राप्त आवेदनों की भोपाल मे नवीन पदस्थापना की तारीख के आधार पर वरिष्ठतानुसार सूची तैयार की जाएगी , जिसे प्रत्येक दो वर्ष में अद्यतन किया जावेगा । इस सूची में केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो के आवेदन सम्मिलित किये जायेगें ।
  • किसी अधिकारी / कर्मचारी का भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने / सेवानिवृत्त/त्यागपत्र/सेवा से प़थक किए जाने /स्वर्गवास होने पर या अन्यथा अपात्र होने पर संपदा संचालनालय द्वारा तैयार की गई वरिष्ठता सूची से उनका नाम आवंटन हेतु विचार क्षेत्र से बाहर किया जा सकेगा।
  • मध्यप्रदेश के उपक्रम, शासकीय संगठन , निगम , मंडल तथा सहकारी संस्थाओं , के अधिकारियों/ कर्मचारियों को सामान्य पूल के शासकीय आवासों के आवंटन की पात्रता नहीं होगी , परन्तु लेखबद्व किये जाने वाले कारणों से विशेष परिस्थितियों में राज्य शासन प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ शासकीय सेवक को आवास आवंटित कर सकेगा । यह आवंटन प्रतिनियुक्ति की वास्तविक अवधि अथवा तीन वर्ष, इनमें से जो कम हो, के लिए होगा । तीन वर्ष उपंरात प्रतिनियुक्ति जारी रहने पर इसे अधिकतम एक वर्ष तक बढाया जा सकेगा ।

6. सामान्य पूल के आवास आवंटन की प्रकि्या

(1) 'ए' श्रेणी के आवासों का आवंटन प्रमुख सचिव/ सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग के आदेशानुसार किया जाएगा ।
(2) "शासकीय सेवकों/पदाधिकारियों को ‘बी’, ‘सी’, ‘डी’ एवं ‘ई’ श्रेणी के आवासों का आवंटन निम्न सदस्यों की आवास आवंटन समिति द्वारा किया जाएगा:-
1. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग अध्यक्ष
2. सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग सदस्य
3. सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह (सामान्य) विभाग सदस्य सचिव

समिति आवेदक अधिकारियों की वरिष्ठता, दायित्व, कर्तव्य की प्रकृति, सेवा के अधिकारियों की स्थानान्तरणीयता तथा अन्य सुसंगत पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवास आवंटन करेगी; परन्तु समिति के लिये आवंटन के संबंध में कोई कारण अभिलिखित करना आवश्यक नहीं होगा।"


  • (3)समिति की बैठक की तारीख,स्थान एवं समय अध्यक्ष द्वारा नियत किया जाएगा । समिति के निर्णय के पश्चात् तुरंत आंवटन आदेश जारी किए जाएगे, इन आदेशों में किसी प्रकार का संशोधन, परिवर्तन या निरस्तीकरण समिति के अध्यक्ष द्वारा कारण बताते हुए किया जाएगा ।
  • (4) 'एफ' 'जी' 'एच' एवं 'आई' श्रेणी के शासकीय आवासों का आवंटन संचालक , संपदा संचालनालय अध्यक्षता में गठित निम्नलिखित आवंटन समिति की अनुशंसा से किया जाएगा ।
    • (1)संचालक, संपदा संचालनालय, अध्यक्ष
    • (2)अपर/उपसचिव,मध्यप्रदेश शासन,सामान्य प्रशासन विभाग-सदस्य
    • (3)अपर/उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह (आवास आवंटन) विभाग-सदस्य
    • (3)मुख्य अभिंयता, लोक निर्माण विभाग द्वारा नांमाकित कार्यपालन यंत्री - सदस्य
    • (4)आवंटन अधिकारी , सचिव
  • (5) आंवटन अधिकारी , संपदा संचालनालय द्वारा तैयार 'एफ' 'जी' 'एच' और 'आई' श्रेणी की वरिष्ठता सूची के आधार पर पात्र कर्मचारी की क्रमानुसार सूचियां समिति की बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत की जाएगी । समिति की बैठक की तारीख, समय एवं स्थान इस समिति के अध्यक्ष द्वारा नियत किया जाएगा । समिति के निर्णय के पश्चात् तुरंत आवंटन आदेश जारी किए जाएँगे । इन आदेशों में किसी प्रकार का संशोधन, परिवर्तन या निरस्तीकरण इस समिति के अध्यक्ष द्वारा कारण बताते हुए किया जा सकेगा ।
  • (6) जिन अधिकारियों को 'बी' से 'डी' श्रेणी के आवास की पात्रता है और वे दो श्रेणी निम्न तक 'ई' श्रेणी के पात्र अधिकारी एक श्रेणी निम्न आवास यदि लेना चाहते है तो उन्हें आवेदन पत्र में अपनी सहमति, पात्रता दिनांक एवं परिलब्धियां अंकित करना होंगी । संचालक संपदा तद्नुसार वरिष्ठता सूची संबंधित श्रेणी में वरिष्ठता दर्शाते हुए तैयार कर संगत आवंटन समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा ।
  • (7) जब तक कि अन्यथा उपबंधित न हो, सामान्य पूल के शासकीय आवास के आवंटन आदेश संपदा संचालक के अनुमोदन के पश्चात् आवंटन अधिकारी द्वारा प्रारूप दो में जारी किए जाएगें ।

7. सामान्य पूल के आवास आवंटन की प्रकि्या


निम्नलिखित श्रेणियो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 'एफ' 'जी' 'एच' एवं 'आई' श्रेणी के सामान्य पूल के आवासों का आवंटन निम्नानुसार किया जा सकेगा -
  • (1) अविवाहित , विधवा एवं तलाकशुदा महिला, जो मध्यप्रदेश शासन के अधीन कार्यरत् है, के लिए उनकी पात्रतानुसार विहित श्रेणी के आवासों के आवंटन 'आवंटन वर्ष ' में 5 प्रतिशत कोटा निर्धारित होगा । इस कोटे के अधीन आवासों की श्रेणी के अनुसार आवंटन, अविवाहित , विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं की भोपाल में पदस्थापना की तारीख के आधार पर वरिष्ठता क्रम के अनुसार किया जाएगा । प्रत्येक श्रेणी के आवासों के लिए वरिष्ठता सूचियां तैयार की जाएगी ।
  • (2) विकंलाग शासकीय कर्मचारियों को आवास आवंटन - राज्य शासन के विकंलाग कर्मचारी, जो विंकलागता भत्ता प्राप्त कर रहे हों अथवा मुख्य चिकित्सा अधिकारी / सिविल सर्जन द्वारा प्रदत्त विंकलागता प्रमाण पत्र धारित करते हो । नियुक्ति प्राधिकारी के प्रमाण पत्र सहित, यथास्थिति प्ररूप-एक अथवा एक मे आवास आवंटन संबंधी आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे । विंकलाग , जिसमें दृिहीन भी सम्मिलित हैं , की श्रेणी के शासकीय अधिकारी/कर्मचारी के लिये शासकीय आवासों के आंवटन एक 'आवंटन वर्ष ' में 2 प्रतिशत का कोटा निर्धारित रहेगा ।
    इस विंकलाग कोटे में आने वाले कर्मचारियों की वरिष्ठता पंजी भोपाल में नवीन पदस्थापना की तारीख के आधार पर संपदा संचालनालय में तैयार की जाएगी । संचालक, संपदा संचालनालय की अध्यक्षता में गठित आवास आवंटन समिति के समक्ष वरिष्ठता सूचियां प्रस्तुत करने पर क्रमानुसार विकंलाग कर्मचारी को आवास का आवंटन किया जा सकेगा ।
  • (3) “कैंसर, गुर्दा प्रत्यारोपण/डायलेसिस एवं हृदय रोग (एंजियोप्लास्टी/वायपास सर्जरी) से ग्रसित राज्य शासन के अधिकारी/कर्मचारी को आवास आवंटन - राज्य शासन के ऐसे कर्मचारी, जिन्हें कैंसर (विषाणु उत्तक वृद्धि), गुर्दा प्रत्यारोपण/डायलेसिस एवं हृदय रोग (एंजयोप्लास्टी/वायपास सर्जरी) हो, को पात्रता के आधार पर शासकीय आवास आवंटन संचालक, संपदा संचालनालय द्वारा किया जाएगा। ऐसे शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 2% (दो प्रतिशत) एक आवंटन वर्ष का कोटा रहेगा। इस श्रेणी में आवेदन करते समय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा उक्त बीमारी से ग्रसित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। शासकीय सेवक की पत्नी/पति अथवा अवयस्क पुत्र/पुत्री के उक्त रोग से पीडि़त होने पर भी उक्तानुसार प्राथमिकता दी जाएगी।“
  • (4) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामान्य पूल के आवासों का आवंटन
    • क. मध्यप्रदेश शासन के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रतिवर्ष रिक्त होने वाले आवासों की 'ई' श्रेणी के आवासों में 5 प्रतिशत 'एफ' एँव 'जी' श्रेणी के आवासों में 10 प्रतिशत तथा 'एच' एवं 'आई' श्रेणी के आवासों में 15 प्रतिशत कोटा निर्धारित होगा ।
      परन्तु सामान्य वर्ग के कर्मचारियों की सम्मिलित वरिष्ठता सूची में वरिष्ठताक्रम के आधार पर आवास का आवंटन प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कर्मचारी इस कोटे के अधीन आवंटन की परिधि में नहीं गिने जाएँगे ।
    • ख. कोटे का लाभ लेने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अधिकारी एवं कर्मचारी की नियुक्ति निर्धारित कोटे के अधीन होना आवश्यक है । नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर इस श्रेणी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भोपाल की पदस्थापना की तारीख से पृथक वरिष्ठता पंजी संपदा संचालनालय में तैयार की जाएगी ।
    • ग. सामान्य पूल के आवास का पहले से ही अधिभोग करने वाले अनुसूचित जाति एँव अनुसूचित जनजाति के अधिकारी / कर्मचारी इस वर्ग के कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटे में से उच्चतर श्रेणी के आवास आवंटन के हकदार नहीं होंगे ।
  • (5) मंत्रालयीन अधिकारियों / कर्मचारियों के लिए शासकीय आवासो का आरक्षण - प्रतिवर्ष रिक्त होने वाले शासकीय आवासों में 'एफ' 'जी' 'एच' एवं 'आई' श्रेणी के 7 प्रतिशत आवास मंत्रालयीन अधिकारियो/कर्मचारियों को उनकी पात्रतानुसार आवंटित किए जाएगे ।

8. राज्य शासन के मंत्रिमंडल के सदस्यों के निजी स्टाफ के अधिकारियो/ कर्मचारियों को आवास आंवटन में प्राथमिकता


राज्य शासन के मंत्रिमंडल के सदस्यों के निजी स्टाफ के किसी एक अधिकारी /कर्मचारी को प्राथमिकता के आधार पर उसकी पात्रता श्रेणी का आवास आवंटन समिति द्वारा आवंटित किया जा सकेगा । तथापि , किसी मंत्री के निजी स्टाफ के एक कर्मचारी को यदि पूर्व से आवास आवंटित हैं अथवा आवंटित किया जा चुका है, तो निजी स्टाफ के किसी अन्य कर्मचारी को आवांस आवंटित नहीं किया जाएगा । यह सुविधा मंत्री के पूरे कार्यकाल के दौरान एक बार के लिये है । यदि निजी स्टाफ मे पदस्थ कर्मचारी अन्यत्र पदस्थ होता है तो उसे आंवटित आवास रिक्त करना होगा


9. पारी के बाहर (विवेकाधीन) आवंटन की राज्य शासन की शक्तियां


‘‘राज्य शासन एक कैलेण्डर वर्ष में रिक्त होने वाले सामान्य पूल के प्रत्येक श्रेणी के शासकीय आवासों की संख्या के 8ः प्रतिशत तक रिक्त आवासों को विवेकाधीन कोटे के अन्तर्गत निम्नलिखित मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार आवंटित कर सकेगा:- (1) मानवीय आधाार पर (2) विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा आदि कारणों से, (3) विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों अथवा विधाओं में उत्कृष्ट कार्य के आधार पर।’’


10. सामाजिक संस्थाओं , राजनैतिक पाटों, गणमान्य व्यक्तियों तथा ख्याति प्राप्त व्यक्तियों को आवास आंवटन -


  • (1) जन कल्याण संबंधी उत्कृष्ट कार्यो, विभिन्न कलाओं एवं विधाओ के समुचित विकास संबंधी कार्यो सामाजिक , राजनैतिक , आर्थिक , सांस्कृतिक , वैज्ञानिक आदि क्षेत्रों में विकास एवं प्रगति के कार्यो से संबंधित व्यक्तियां एवं संस्थाओं के लिए भोपाल में तत्कालिक व्यवस्था के बतौर आवास सुविधा उपलब्ध कराया जाना उपयुक्त समझा गया है । अतएव, ऐसी संस्थाओं एँव व्यक्तियों को राज्य शासन इन नियमों के अधीन सामान्य पूल के आवास आवंटन कर सकेगा ।
  • (2) राज्य शासन, प्रतििष्त एवं गणमान्य व्यक्तियों / ख्याति प्राप्त व्यक्तियों, सामाजिक संस्थाओं तथा राजनैतिक पाटों को भोपाल में शासकीय आवास का आवंटन दो वर्ष की कालावधि के लिए कर सकेगा परन्तु ऐसा आवंटन ऐसे व्यक्तियों एवं संस्थाओं /पाटों को ही किया जा सकेगा , जिनका भोपाल मे स्वंय अथवा परिवार के किसी सदस्य के नाम स्वतंत्र रूप से या संयुक्त रूप से कोई निजी मकान नहीं है ।
  • (3) दो वर्ष समाप्त होने के पश्चात् अगले एक वर्ष के लिए शासकीय आवास का आधिपत्य बनाए रखने हेतु आवंटन के नवीनीकरण के लिए, आवंटन अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करना होगा । नवीनीकरण एक वर्ष से अधिक कालावधि के लिए नहीं किया जाएगा ।
  • (4)
    • क. सामाजिक संस्थाओं / राजनैतिक पाटों / ख्याति प्राप्त व्यक्तियों को आवंटन के लिए 'ई' श्रेणी या उससे निम्न श्रेणी के अधिकतम 40 आवास गृह आवंटित किये जा सकेंगे ।
    • ख. प्रतिष्ठत एवं गणमान्य व्यक्तियों को आवश्यकता एवं पात्रतानुसार आवास आवंटित किए जा सकेंगें ।
    • ग. उपर्युक्त
    • क. में निर्धारित आवास गृहों की संख्या में वे आवास गृह भी सम्मिलित होगे, जो इन नियमांे के प्रवृत्त होने के पूर्व ऐसी सामाजिक / राजनैतिक संस्थाओं एवं अशासकीय व्यक्तियों को आवंटित किए गए हैं ।
    • घ. सामाजिक /राजनैतिक संस्था तथा प्रतिष्िठत एवं गणमान्य व्यक्तियों को आवंटन के लिए निर्धारित आवासों की श्रेणी का विनिश्चय समिति द्वारा किया जाएगा ।
  • (5)
    • क. इस नियम के अंतर्गत सामाजिक एवं संस्थाओं तथा प्रतिष्िठत एँव गणमान्य व्यक्ति को शासकीय आवास आवंटन के लिये मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा ।
    • ख. इस समिति मे अध्यक्ष के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा नांमाकित दो अन्य मंंत्री एवं प्रमुख सचिव/सचिव, मध्यप्रदेश शासन , गृह विभाग सदस्य होगें ।
    • ग. अपर/उपसचिव ,मध्यप्रदेश शासन , गृह (आवास आवंटन) विभाग समिति के सचिव होगें ।
  • (6)
    • क. उच्च स्तरीय समिति की बैठक आवश्यकतानुसार अघ्यक्ष के निदर्ेशानुसार सचिव द्वारा आंमात्रित की जाएगी ।
    • ख. बैठक की सूचना सदस्यों को लिखित रूप से दी जाएगी तथा सूचना के साथ बैठक के विचारार्थ विषयों की कार्य सूची भी दी जाएगी।
    • ग. इन नियमांे के प्रवर्तन में आने के पूर्व, सामाजिक / राजनैतिक संस्थाओं और राजनैतिक / अशासकीय व्यक्तियों को आवंटित आवासों से संबंधित प्रकरणों का उच्च स्तरीय समिति इन नियमों के परिप्रेक्ष्य में पुनर्विलोकन करेगी तथा तत्संबधी आवश्यक आदेश देगी ।
  • (7) इस नियम के अंतर्गत आवास आवंटन के लिए आवेदन प्रारूप-तीन में उच्च स्तरीय समिति के सचिव को स्वंय या डाक द्वारा प्रेषित किए जाएगें । प्रत्येक आवेदन पर आवेदन करने वाले व्यक्ति या संस्था के कार्यक्षेत्र से ंसंबंधित, शासकीय विभाग द्वारा परीक्षण कराया जाएगा । संबंधित शासकीय विभाग की परीक्षण टीप उच्च स्तरीय समिति के सचिव को भेजी जाएगी, जो समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत की जाएगी ।
  • (8)
    • क. उच्च स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत समस्त आवेदनों पर निर्णय लेने के पूर्व शासकीय विभाग की टीप पर एँव समिति के सचिव द्वारा प्राप्त आवेदनों पर अंकित की गई टीप पर विचारोंपरात निकाकरण करेगी ।
    • ख. स्वीकृत आवेदनों के संबधं में गृह विभाग द्वारा आवंटन आदेश प्ररूप दो में जारी किए जाएगे और अस्वीकृत आवेदनों की सूचना संबंधित को दी जाएगी ।
    • ग. आवंटन आदेश में आवंटन की कालावधि तथा मासिकं लायसेंस शुल्क की दर का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाएगा ।
  • (9)
    • क. इस नियम के अन्तर्गत सामाजिक/राजनैतिक संस्थाओं को आवंटित आवासगृह का लायसेंस शुल्क शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से देय होगा। प्रतिष्ठित एवं गणमान्य व्यक्तियों तथा ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों को आवंटित आवासगृह का लायसेंस शुल्क शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से देय होगा|
    • ख. कब्जा प्राप्त करने के पूर्व आवंटिती को प्ररूप चार में अनुबंध का निष्पादन कर , दो माह का अग्रिम लायसेंस, शुल्क जमा करना होगा ।
    • ग. लायसेंस शुल्क का भुगतान आवंटन आदेश में विनिदर्िष्ट कालावधि में तथा रीति से किया जाएगा ।
  • 10. . (क) - मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों को आवास आवंटन (1) राज्य शासन के द्वारा मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघों तथा अखिल भारतीय सेवाओं के एसोसियेशनों को शासकीय आवासगृह का आवंटन मुख्यमंत्रीजी से समन्वय में आदेश प्राप्त कर किया जा सकेगा। (2) ऐसा आवंटन पांच वर्ष के लिये किया जाएगा। उक्त अवधि के बाद पांच-पांच वर्षाें की अवधि के लिये समय-समय पर आवंटन का नवीनीकरण मुख्यमंत्रीजी से समन्वय में आदेश प्राप्त कर किया जा सकेगा। नवीनीकरण का आवेदन के साथ पूर्व अवधि के लायसेंस शुल्क के पूर्ण भुगतान संबंधी प्रमाण संलग्न करना आवश्यक होगा। (3) आवासगृह का लायसेंस शुल्क शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से देय होगा।

अध्याय - तीन



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 न्यायिक पूल के आवास


    11. न्यायिक अधिकारियों को आवास आवंटन
  • (1) भोपाल में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों को जो शासकीय आवास वर्तमान में आवंटित हैं वे आवास गृह वर्तमान में न्यायिक अधिकारियों के लिये पूल में आरक्षित रखे जाएगें । न्यायिक अधिकारियों के विभागीय आवास बनने पर न्यायिक पूल के आवास सामान्य पूल मंे समाविष्ट हो जाएगे । न्यायिक पूल के आवासों की सूची परिशिष्ट 1 में दर्शायी गई है ।
  • (2) इस पूल के शासकीय आवासों का आवंटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा किया जाएगा एवं आवंटन तथा लायसेंस शुल्क वसूली की सूचना संपदा संचालनालय को दी जाएगी ।
  • 12. विधि एवं विधायी कार्य विभाग में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास गृहों का विशेषांकन
  • (1) राज्य शासन , विधि एवं विधायी कार्य विभाग, भोपाल में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों के लिए परिशिष्ट दो में दर्शाए अनुसार 10 आवास गृहों को उनके पदनाम से विशेषांकित करता है ।
  • (2) इन आवासों का आवंटन , सचिव/प्रमुख सचिव , विधि एवं विधायी कार्य विभाग, भोपाल द्वारा किया जाएगा एवं आवंटन तथा लायसेंस शुल्क वसूली की सूचना संचालक , संपदा संचालनालय को दी जाएगी ।

अध्याय - चार



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 विधानसभा अध्यक्षीय पूल


    13. विधायकों को आवास आवंटन-
  • (1) विधायकों को उनकी सदस्यता की अवधि के लिये आवास हेतु 29 आवासांे का एक प्ृाथक पूल होगा । इसमें परिशिष्ट तीन में दर्शाये अनुसार आवास रहेगें । इन आवासों का आवंटन विधानसभा सचिवालय द्वारा वर्तमान विधायकों को किया जावेगा ।
  • (2) इस पूल के आवासां की सामान्य पूल के आवासों से अदला-बदली राज्य शासन द्वारा (सचिव, विधानसभा के परामर्श से) की जा सकेगी ।

अध्याय - पांच



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 विशिष्ट सेवाओं के अधिकारियांे एव कर्मचारियों के लिए पूल


    14. राज्य की विशिष्ट सेवाओं के अधिकारियों एव कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूल में से आवंटन
  • (1) राज्य शासन भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय वन सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, अधीनस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पात्रतानुसार शासकीय आवास आवटित कर सकेगा ।
  • (2) इन सेवाओं के अधिकारी की भोपाल में पदस्थापना होने पर प्रारूप एक-क/एक ख में आवेदन नियम 4 में उल्लेखित अनुसार करना होगा। आवास आवंटन के लिए नियम 5 एवं 6 में वर्णित प्रकि्रया का यथाशक्य अनुसरण किया जाएगा । आवंटन की शक्तिया नियम 6 में उल्लेखित अनुसार गठित समितियों को होगी ।

अध्याय - छ:



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 प्रेसपूल


15. प्रेस पूल के आवासों का आवंटन
  • (1) प्रेस पूल के अन्तर्गत ‘ई’ श्रेणी या उससे निम्न श्रेणी के अधिकतम 230 आवास रहेंगे।
  • (2)
    • (क) प्रेस पूल के अन्तर्गत आवास आवंटन के लिये आवेदन पत्र आयुक्त/संचालक, जनसंपर्क को प्रस्तुत किया जावेगा, जो अपने मत के साथ आवेदन सचिव, गृह विभाग को अग्रेषित करेंगे।
    • (ख) प्रेस पूल के शासकीय आवास, उन पत्रकारों को आवंटित किये जा सकेंगे, जिनके स्वयं या परिवार के किसी सदस्य के नाम स्वतंत्र रूप से या संयुक्त रूप से कोई आवास, प्रकोष्ठ भोपाल में स्थित नहीं है: परन्तु जिन पत्रकारों ने ऐसे आवास, प्रकोष्ठ, जो स्वयं या उनके किसी परिवार के सदस्य के नाम, स्वतंत्र रूप से या संयुक्त रूप से भोपाल नगर निगम/कोलार नगर परिषद् की सीमा में स्थित थे और जिनका हस्तांतरण, आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख से पांच वर्ष तक की कालावधि के भीतर किसी अन्य को कर दिया है, तो उनके आवेदन प्रेस पूल के आवास आवंटन हेतु ग्राह्य नहीं किये जाएंगे।
  • (3) प्रेस पूल के आवास के लिये उप सचिव, गृह (सामान्य) विभाग द्वारा आयुक्त/संचालक, जनसंपर्क को आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख से वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी।
  • (4) प्रेस पूल के आवासों के आवंटन संबंधी आवेदनों पर नियम-10 के उप नियम-(5) के अन्तर्गत गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विचार किया जाएगा, जिसमें आयुक्त/संचालक, जनसंपर्क समिति के सहयोजित सदस्य के रूप में रहेंगे।
  • (5)प्रेस पूल के आवासों के आवंटितियों के आवंटित आवास का मासिक लायसेंस शुल्क शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से लिया जावेगा। यह लायसेंस शुल्क प्रतिमाह 10 तारीख तक देय होगा।
  • (6) प्रेसपूल के आवासों के आवंटितियों के आवंटित आवास का मासिक लायसेंस शुल्क मूलभूत नियम 45 'ए' में वर्णित राशि प्लस 10 प्रतिशत की दर से लिया जावेगा । यह लायसेंस शुल्क प्रतिमाह 10 तारीख तक वसूल किया जाएगा ।
  • (7) आवंटित आवास की कालावधि पूर्ण होने पर मासिक लायसेंस शुल्क का भुगतान नहीं करने पर, आवंटन की शर्ताें का उल्लंघन करने पर, पत्रकार नहीं रहने पर, भोपाल से बाहर स्थानांतरण या मुख्यालय परिवर्तन करने पर अथवा अन्य किसी विधिसंगत कारणों से अपात्र होने पर राज्य शासन द्वारा आवंटन निरस्त किया जा सकेगा एवं आवंटित आवास को रिक्त कराया जाएगा।

अध्याय - सात



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 आवास आवंटन संबंधी अन्य प्रावधान


16. आंवटन आदेशों का जारी किया जाना
  • (1) जब तक कि नियम में अन्यथा उपबंधित न किया गया हो, इन नियमों के अधीन आवास आवंटन संबंधी समस्त आदेश संचालक , संपदा के अनुमोदन के पश्चात् आवंटन अधिकारी द्वारा जारी किए जाएगें ।
  • (2) आवंटन अधिकारी प्रत्यंेक आवास के लिए प्ररूप-छ%में पूल वार एक स्थायी पंजी तैयार करेगा, जिसमें आवंटन से संबंधित समस्त ब्यौरे दर्शाए जाएगें । इस पंजी में आवास आवंटन समितियों के निर्णय, पारी अनुसार, आवंटन आदेश, पारी के बाहर आवंटन आदेश, विशिष्ट कोटो के अंतर्गत आवंटन आदेशों की प्रविष्िटयां प्ृाथक-प्ृाथक दर्शाई जाएगी ।
  • (3) जिस अधिकारी या कर्मचारी या संस्था /व्यक्ति के लिए आदेश जारी हुआ है , उसे आदेश की प्रतिलिपि भेजी जाएगी । और उसके कार्यालय प्रमुख अथवा आहरण एवं संवितरण अधिकारी को आवंटन की सूचना तत्काल दी जाएगी ।
  • (4) आवंटिती द्वारा आवंटित आवास का कब्जा लेने की सूचना प्राप्त होेते ही संपदा संचालनालय की किराया शाखा मंे ऐसे आवंटिती के लायसेंस शुल्क संबंधी लेखे की प्रविष्िटयां प्रारंभ कर दी जाएगी । आवंटन आदेश दिनांक से आवंटित आवास का कब्जा 15 दिवस की अवधि में नही लिए जाने पर ऐसा आवंटन आदेश स्वयमेव समाप्त हो जाएगा ।
  • (5) शासकीय अधिकारियों / कर्मचारियों के मामले मे आवास आवंटन आदेश जारी करने के पूर्व आवंटिती से प्ररूप सात में सेवा संबंधी विवरण प्राप्त किया जाकर उसे सुरक्षित फाइल में रखा जाएगा ।
  • (6) आवंटन आदेश का पालन आवंटिती द्वारा नहीं किए जाने पर उसे आगामी एक वर्ष की कालावधि के लिए आवास आवंटन की पात्रता से वंचित किया जाएगा ।
  • (7) शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य आंवटिती का यह व्यक्तिगत दायित्व होगा कि वे आवंटित आवास का लायसेंस शुल्क प्रतिमाह कोषालय अथवा संपदा संचालनालय में जमा करें । ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आहरण एवं संवितरण अधिकारी का यह दायित्व होगा , कि संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारी के वेतन से प्रतिमाह निर्धारित लायसेंस शुल्क की कटौती कर संचालक, संपदा संचालनालय को संसूचित करें ।
  • (8) शासकीय आवास का कब्जा लेने की तारीख से गृह भाडा़ भत्ता प्रदाय नहीं किया जाएगा ।
    17. शासकीय अधिकारियों / कर्मचारियों को आवास रखने की अनुमति
  • भोपाल से अन्यत्र स्थानांतरित होने, सेवानिवृत्त होने, त्यागपत्र देने, सेवा से पृथक होने अथवा अन्य किन्हीं कारणों से आवास रखने के लिये अनधिकृत होने पर अधिकतम छः माह की अवधि के लिये शासकीय सेवक सामान्य दर पर आवास रख सकेगा। इसके उपरांत दांडिक दर से किराया वसूल किया जाएगा एवं बेदखली की कार्यवाही की जावेगी।
  • 18. शासकीय अधिकारियों/ कर्मचारियों की भोपाल में पुन% पदस्थापना की स्थिति मे आवास आवंटन
  • किसी आवंटिती का भोपाल से बाहर स्थानांतरण या पदस्थापना होने पर या मुख्यालय परिवर्तित होने पर छः माह की अवधि के भीतर उसकी पुनः पदस्थापना भोपाल में होती है तो उसके पूर्व आवंटित आवास का पुनः आवंटन उसके द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने पर किया जा सकेगा।“
  • 19. पति तथा पत्नी दोनों को एक ही आवास का आवंटन
  • (1) जब पति तथा पत्नी दोनांे शासकीय सेवा में एक ही स्थान पर पदस्थ हों तो उनमें से किसी एक के नाम पर शासकीय आवास का आवंटन इन नियमों के उपबंधों के अधीन किया जा सकेगा ।
  • (2) यदि पति तथा पत्नी एक ही स्थान पर पदस्थ हों तथा उन्हें शासकीय आवास आवंटित हो तो उनमें से किसी एक का स्थंानातरण हो जाने पर दूसरे को यदि उसी शासकीय आवास की पात्रता हो तो वही शासकीय आवास आवंटित किया जा सकेगा । तथापि, किसी प्रकरण में उस श्रेणी के आवास की पात्रता न हो तो पति या पत्नी को (जिसका स्थानांतरण न हुआ हो) प्राथमिकता पर पात्रतानुसार अन्य शासकीय आवास का आवंटन संपदा संचालक द्वारा किया जा सकेगा । ऐसा आवंटन नियमित आवंटन माना जाएगा ।
  • (3) यदि निर्धारित कालावधि में पात्रता के अनुसार आवंटित अन्य शासकीय आवास का आधिपत्य नहीं लिया गया तो पूर्व में आवंटित उच्च श्रेणी के आवास का आधिपत्य अनधिकृत माना जाकर उसका लायसेंस शुल्क बाजार दर से वसूल किया जाएगा एवं आवास से बेदखल करने की कार्यवाही की जाएगी ।
  • 20. सेवा निवृत्त / दिवंगत शासकीय सेवक के निकट संबधी शासकीय सेवक को आवास आवंटन
  • (1) सेवानिवृत्त/दिवंगत शासकीय सेवक, जिन्हें शासकीय आवास आवंटित रहा हो, उनकी सेवानिवृत्ति अथवा सेवा में रहते हुए स्वर्गवास होने पर उनको आंवटित आवास अथवा पात्रता के अनुसार किसी अन्य श्रेणी का आवास, उनके निकट संबंधी को, जो राज्य शासन की सेवा में हो, एक आवास आवंटित किया जा सकेगा। यदि सेवानिवृत्त/दिवंगत शासकीय सेवक को ‘जी’ अथवा ‘एच’ श्रेणी का आवास आवंटित रहा है तो उनके निकट संबंधी को, जो शासकीय सेवक हो, सेवानिवृत्त/दिवंगत शासकीय सेवक का ही आवास आवंटित किया जा सकेगा, भले ही ऐसा आवास निकट संबंधी की पात्रता से एक श्रेणी ऊपर का है। निकट संबंधियों में (क) पति/पत्नी, (ख) पुत्र/पुत्रवधु, (ग) अविवाहित/विधवा/ तलाकशुदा पुत्री, जो सेवानिवृत्त/दिवंगत शासकीय सेवक के साथ निवास कर रही हो, सम्मिलित होंगे। पति अथवा पत्नी में कोई एक शासकीय सेवा में हो तो उन्हें पात्रतानुसार पूर्व आवंटित आवास अथवा पात्र श्रेणी का आवास आवंटित किया जा सकेगा । पुत्र एवं पुत्रवधू में से शासकीय सेवा में कार्यरत् पुत्र को वरीयता दी जाएगी । यदि पुत्र कार्यरत नहीं हो तो शासकीय सेवा में कार्यरत पुत्रवधु को पात्रतानुसार शासकीस आवास आवंटन किया जा सकेगा । यदि सेवा निवृत/दिंवगत शासकीय सेवक अथवा उसके उपरोक्त निकट संबंधियों में से किसी एक का निजी मकान भोपाल नगर निगम क्षेत्र में स्थित हों तो उन्हें इस नियम के अधीन आवास आवंटन की पात्रता नहींे होगी । ऐसा निकट संबंधी मध्यप्रदेश शासन की नियमित सेवा / कार्यभारित नियमित सेवा का अधिकारी या कर्मचारी होना आवश्यक हैं, नियमित सेवा कार्यभातिर नियमित सेवा की स्थिति सेवानिवृत / दिवंगत होने की तारीख से ध्यान में लाई जा सकेगी । तदर्थ, दैनिक वेतन, कंटेजेंसी तथा कार्यभारित निकट संबंधी को इस नियम के अधीन आवास आवंटन की पात्रता नहीं होगी । उक्त संबंधी (Relative) मध्यप्रदेश शासन का नियमित / कार्यभारित नियमित कर्मचारी (Regular Employee) हो, उसने सेवानिवृत कर्मचारी , की सेवा निवृत्ति के दिनांक को राज्य शासन मंे 5 (पांच) साल का सेवा काल पूर्ण कर लिया हो तथा उसकी पदस्थापना वही हो, जहां कि आवंटिती कर्मचारी सेवा निवृत्ति के समय पदस्थ था ।
  • नोट
  • (अ) नियमित सेवा मे आने के तुरंत पूर्व , यदि कोई दैनिक दरों पर की गई नियुक्ति /तदर्थ नियुक्ति रही है, तो वह अवधि भी 5 (पांच) वर्ष के सेवाकाल मे इस प््रायोजन के लिए शामिल गिनी जाएगी ।
  • (ब) शासकीय सेवा में रहते हुए दिवंगत कर्मचारियों के उक्त संबंधियों के लिए पांच साल का शासकीय सेवाकाल पूर्ण कर लेने का बंधन नहीं रहेगा ।
  • (स) अनुकंपा नियुक्तियांे के निदर्ेशों के अंतर्गत अनुकंपा के आधार पर नियुक्त शासकीय कर्मचारी दिवंगत कर्मचारी के संबंधी के लिए भी पांच साल के सेवाकाल का बंधन नहीं रहेगा ।
  • सेवानिवृत/दिवंगत शासकीय कर्मचारी के साथ उक्त संबधी (Relative) सेवानिवृत्ति / मृत्यृ की तिथि से कम से कम 6 माह पूर्व से उसी शासकीय आवास गृह मंे रह रहा हो । सेवानिवृत शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तारीख से दो माह की कालावधि के भीतर उसके निकट संबधी शासकीय सेवक को इस नियम के अधीन आवास का आवंटन आदेश प्राप्त करने हेतु निर्धारित जानकारी सहित आवेदन संपदा संचालक को देना आवंश्यक होगा । दिंवगत शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी का निकट संबधी दिवंगत होने की तारीख से एक वर्ष की कालावधि के भीतर निर्धारित जानकारी सहित आवास आवंटन हेतु आवेदन संपदा संचालक को प्रस्तुत करेगा । 21. गैरेज तथा सेवक क्वार्टर

    सामान्य पूल के शासकीय आवास मे निर्मित संलग्न तथा लधुमूल कार्यो के अधीन निर्मित गैरेज या सेवक क्वार्टर या किसी अन्य प्रकार की संरचना का आवंटन संबंधित शासकीय आवास के आवंटन आदेश में निहित रहेगा । प्ृाथक से इन संरचनाआंे के लिए आवंटन आदेश जारी नहीं किए जाएँेगे ।

    22. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामान्य पूल के आवास आवंटन पर प्रतिबंध -
  • (1) सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमोे एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियो को सामान्य पूल के आवास आवंटित नहीं किए जाएगे ।
  • (2) इन नियमांे के अधीन भारत शासन के विभिन्न कार्यालयोें एवं सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामान्य पूल के आवास आवंटित नहीं किए जाएगें ।
  • (3) प्रतिनियुक्ित्त पर पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबंध में -
  • (क) जहां कही भी वर्तमान में उपर्युक्त वर्णित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत् अधिकारी एवं कर्मचारी को शासकीय आवास आवंटित है , उन्हें राज्य शासन द्वारा निर्धारित समय तक आवंटित शासकीय आवास को रखने की अनुज्ञा दी जा सकती है, परंतु शर्त यह है कि उसी श्रेणी का मकान संबंधित अर्द्वशासकीय संस्था किराए पर लेकर सामान्य पूल के लिए उपलब्ध कराएगी ।
  • (ख) सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में राज्य शासन के अधिकारी/कर्मचारी जो प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ होते है, उन्हें आवंटित सामान्य पूल के शासकीय आवासों के बदले ऐसे उपक्रम ,कोई निजी आवास किराए पर लेकर सामान्य पूल मे आवास उपलब्ध कराएगें ।
  • (ग) उपक्रम द्वारा सामान्य पूल का शासकीय आवास, जो ऐसे अधिकारी/कर्मचारी को आवंटित है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के कर्मचारी हैं अथवा प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत् हैं, निजी आवास सामान्य पूल में उपलब्ध कराने तक, उनका लायसेंस शुल्क राज्य शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से भुगतान किया जावेगा। संबंधित उपक्रम प्रतिमाह ऐसे आवासों का शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से लायसेंस शुल्क कोषालय में अथवा संचालक, संपदा संचालनालय के कार्यालय में जमा कराने हेतु उत्तरदायी होंगे अन्यथा आवंटन निरस्त किया जा सकेगा।
  • (घ) जहाँ कहीं भी वर्तमान में भारत शासन के अधिकारियों को सामान्य पूल के आवास आवंटित हैं, उन्हें नवीन नियमों के प्रवृत्त होने के 6 माह के बाद की अवधि से शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से भुगतान करना होगा।
  • 23. आवंटित आवासों का परिवर्तन
  • (1) जिस अधिकारी एवं कर्मचारी को इन नियमों के अधीन आवास आवंटित किया गया है , वह उसी श्रेणी के दूसरे आवास में परिवर्तन के लिए प्रथम आवंटन का आधिपत्य लेने के 6 माह पश्चात् आवेदन कर सकता है। किसी एक श्रेणी के आवास के सम्बन्ध में उसे एक से अधिक बार परिवर्तन की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी । आवास परिवर्तन के अधिकार आवंटन अधिकारी हेतु प्राधिकृत अधिकारी को रहेगा । (2) आवंटित आवास के परिवर्तन के इच्छुक अधिकारी /कर्मचारी का यथास्थिति प्ररूप -एक
    क. अथवा एक
    ख. में आवेदन संपदा संचालक को प्रस्तुत करना होगा । (3) ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी, जिनकी सेवानिवृत्ति की अवधि मात्र छ% माह शेष हैं, आवास में परिवर्तन के आवेदन विचार योग्य नहीं होगें ।
    (4) परिवर्तित आवास का आवंटन आदेश जारी होने की तारीख से पंद्रह दिन के भीतर कब्जा लेना आवश्यक होगा ।
    (5) ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी, जिन्हें परिवर्तन पर आवास आवंटित किया गया है, परिवर्तित आवास का कब्जा लिये जाने के पश्चात् दोनों आवासो पर किसी अवधि का कब्जा यथावत् जारी रखता है तो एक आवास का लायसेंस शुल्क निर्धारित बाजार दर से वसूल किया जाएगा ।
    24. आवासों की पारस्परिक अदला-बदली

    जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन निमयों के अधीन एक ही श्रेणी के आवास आवंटित किए गए है, वे अपने आवास की पारस्परिक अदला-बदली की अनुज्ञा के लिए आवेदन संचालक संपदा संचालनालय के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते है, दोनों आवेदको के संबंध में युक्तिसंगत रूप से यह अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसी अदला-बदली के अनुमोदन की तारीख से कम से कम छ%महीने भोपाल में पदस्थ रहेंगें । ऐसे आवेदकों को पारस्परिक अदला-बदली की अनुज्ञा दी जा सकेगी । पारस्परिक अदला-बदली की अनुज्ञा केवल निम्नलिखित मामलों मे दी जाएगी । क. दोनों आवास एक ही श्रेणी के हों ।
    ख. दोनो आवेदक ऐसे आवासों के आवंटन की पात्रता रखते हों ।

    25. भोपाल स्थित रिक्त शासकीय आवास का शादी-विवाह के उपयोग हेतु अस्थायी रूप से आवंटन
    (1) शादी-विवाह आदि अस्थायी प्रयोजनों के लिए शासकीय आवास गृहों का अस्थायी आवंटन किया जा सकेगा । राज्य शासन ऐसे अस्थायी प्रयोजनों के लिए अस्थायी रूप से आवंटित शासकीय आवासो का दैनिक किराया निर्घारित कर सकेगा । वर्तमान में दैनिक किराया निम्नानुसार है -
  • क्रमांक आवास की श्रेणी प्रतिदिन देय किराया
    1 बी Rs. 5000/-
    2 सी Rs. 4000/-
    3 डी Rs. 3000/-
    4 Rs. 2000/-
    5 एफ Rs. 1000/-
    6 जी Rs. 500/-
    7 एच Rs. 200/-
    8 आई Rs. 100/-
  • (2) जिस अवधि के लिए आवास गृहों का आवंटन चाहा गया है, उतनी अवधि का किराया अग्रिम रूप में जमा कराना होगा एवं इसके अतिरिक्त आवंटन अधिकारी के पास दो दिन के किराए की राशि या ऐसी राशि जो न्यूनतम रू0 500/- होगी जो भी अधिक हो, का बैंक डा्फट बतौर जमानत जमा करना होगा, जो आवास रिक्त करने पर वापस किया जा सकेगा । यदि आवास में कोई टूट-फूट पाई गई या अन्य कोई सामग्री कम पाई गई तो क्षति के बराबर राशि की वसूली इस अमानत राशि से की जा सकेगी ।
    (3) शादी-विवाह आदि प्रयोजनांे के लिए 'एफ' श्रेणी तक के आवास गृहों के अस्थायी आवंटन का अधिकार आवंटन अधिकारी (संपदा संचालनालय) को होगा । 'ई' श्रेणी एवं इससे उपर के आवास गृहों का अस्थायी आवंटन मध्यप्रदेश, शासन गृह विभाग द्वारा किया जाएगा ।
    (4) शादी-विवाह आदि प्रयोजनो के लिए शासकीय आवास गृहों का अस्थायी आवंटन एक बार में पंाच दिन से अधिक की कालावधि के लिए नहीं किया जाएगा ।
    26. आवंटन का समर्पण तथा सूचना की अवधि
    (1) किसी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी को शासकीय आवास आवंटित होने पर ऐसे आवंटन का समर्पण, आदेश के प्राप्त होने के पन्द्रह दिन के अंदर किया जा सकेगा।
    (2) आवंटित आवास का कब्जा निर्धारित कालावधि के अंदर नहीं लिए जाने की दशा में कालावधि समाप्त होने के पश्चात् ऐसा आदेश स्वत% निष्प्रभावी हो जाएगा । आवंटित आवास का कब्जा नहीं लेने के कारण संबंधित शासकीय सेवक को, अगले एक वर्ष की अवधि तक शासकीय आवास के आवंटन की पात्रता से प्ृाथक रखा जा सकेगा ।
    27. आवासों का असुरक्षित घोषित किया जाना -
    किसी आवास को असुरक्षित घोषित किए जाने का प्रमाण-पत्र कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त अन्य अधीनस्त अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया जा सकेगा। किसी शासकीस आवास को खतरनाक घोषित करने का प्रमाण पत्र जारी करने से पूर्व कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, भोपाल को इस तथ्य के बारे में स्वंय संतुष्िट कर लेना होगी तथा कार्यपालन यंत्री द्वारा ऐसा प्रमाण पत्र संचालक, संपदा को भेजना होगा, जिस पर संचालक , संपदा की अध्यक्षता में गठित आवंटन समिति द्वारा विचार कर निर्णय लिया जाएगा । कार्यपालन यंत्री द्वारा अधिवासी को इसकी सूचना देना होगी तथा आवास रिक्त करने की कार्यवाही लोक निर्माण विभाग मैन्युअल के अंतर्गत करना होगी । खतरनाक घोषित आवास के अधिवासी को कोई अन्य शासकीय आवास प्राथमिकता पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप मंे संचालक संपदा द्वारा आवंटित किया जा सकेगा । ऐसा आवंटन बारी के अनुसार माना जावेगा तथा आवंटन की श्रेणी में होगा । जिस श्रेणी के आवास में आवंटिती रह रहा है उसे उसी श्रेणी का आवास दिया जाएगा ।

अध्याय - आठ:



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 अनधिकृत आधिपत्य एवं बेदखली


    28. अनधिकृत आधिपत्यधारी के विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही
    संबंधित कार्यालय प्रमुख या आहरण एवं संंवितरण अधिकारी द्वारा :-
  • (1) जब भी किसी शासकीय सेवक का एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थांनातरण किया जाय तो स्थानांतरण आदेश की प्रति संपदा संचालक को आवश्यक रूप से पृष्ठांकित की जाय। यदि किसी शासकीय सेवक के बारे में संपदा संचालक को सूचना प्राप्त हो कि उसका स्थानांतरण हो जाने के बाद आवास धारण करने की अवधि समाप्त होने पर भी शासकीय आवास गृह खाली नहीं किया है तो शासकीय सेवक का ऐसा कृत्य आचरण नियमों के विरूद्व होगा तथा उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की सिफारिश की जावेगी।
  • (2) संबंधित विभाग / कार्यालय प्रमुख या आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा ऐसे शासकीय सेवक के सेवानिवृत्त होने पर या उसे सेवा से प्ृाथक किए जाने पर या त्यागपत्र स्वीकार करने पर ऐसे आदेश की प्रति संपदा संचालक को प्ृांष्ठांिकत की जाएगी ।
  • 29. अनधिकृत आधिपत्यधारी के विरूद्व बेदखली कार्यवाही
  • (1) इन नियमों के उपंबधो के अनुसार किसी शासकीय आवास पर किसी व्यक्ति का आधिपत्य अनधिकृत होने अथवा राज्य शासन द्वारा किसी व्यक्ति का आधिपत्य अनधिकृत घोषित करने की स्थिति में, ऐसे अनधिकृत आधिपत्यधारी के विरूद्व आंवटन अधिकारी द्वारा मध्यप्रदेश लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 के उपबंधो के अधीन कार्यवाही करने हेतु सक्षम प्राधिकारी को रिपोर्ट की जाएगी ।
  • (2) अनधिकृत आधिपत्य की अवधि के लिये दांडिक दर से लायसेंस शुल्क वसूल करने की कार्यवाही की जाएगीय परन्तु यदि राज्य शासन का समाधान हो जाए कि ऐसा करने हेतु पर्याप्त कारण विद्यमान हैं तो वह किसी आवंटिती अथवा आवंटितियों के वर्ग से, ऐसे शर्ताें एवं निबंधनों पर जैसा कि वह उचित समझे, अनधिकृत आधिपत्य की अवधि के लिये बाजार दर की दुगुनी राशि/दांडिक दर के स्थान पर आवंटिती को लागू सामान्य लायसेंस शुल्क से अन्यून दर से लायसेंस शुल्क लिये जाने का आदेश दे सकेगा।
  • (3) अनधिकृत आधिपत्य की अवधि के लिये वसूली योग्य शुल्क की राशि पर दस प्रतिशत वार्षिक दर से चक्रवृद्धि ब्याज भी वसूली योग्य होगा।

अध्याय - नौ



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 आवंटिती का आचरण एवं दायित्व


    30. आवास धारण करने वाले व्यक्ति का दायित्व
  • (1) आवंटित आवास और उससे संबंद्व उपभवन खाली किए जाने तक और उसको खाली करके इसका कब्जा लोक निर्माण विभाग को लौटाने तक की कालावधि के लिए लायसेंस शुल्क का भुगतान करने और आवास तथा उसमें उपलब्ध कराए गए फर्नीचर संलग्न साज-सज्जा की उचित देखभाल करने हेतु उत्तरदायी होगा । यदि सम्पति को किसी प्रकार की क्षति पहंुचाई जाती है तो ऐसी क्षति की राशि का भुगतान करने का भी उत्तरदायित्व आवंटिती का होगा ।
  • (2) शासकीय कर्मचारियांे एवं अधिकारियों के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं को शासकीय आवास आवंटित होने पर उन्हें प्ररूप-चार में अनुबंध पत्र निष्पादित करना होगा । निर्धारित प्ररूप में अनुबंध निष्पादित करने के पश्चात् एवं दो माह का लायसेंस शुल्क की अग्रिम राशि जमा करने के पश्चात् ही आंवटित आवास का कब्जा लोक निर्माण विभाग द्वारा दिया जाएगा ।
  • (3) इस नियम के अंतर्गत प्रतिष्िठत एवं गणमान्य व्यक्तियों को छोडकर अन्य अशासकीय आवंटितियों को आवंटित आवास का कब्जा लेने के पूर्व प्रतिभूति राशि निम्नानुसार जमा करना होगी -
  • (क) 'एफ' एवं उससे उ पर श्रेणी के आवास के लिए रू 10,000/-
    (ख) 'जी' एवं 'एच' श्रेणी के आवास के लिए रू 5,000/-
    उपर्युक्त प्रतिभूति राशि आवास खाली करने पर या आवंटिती से कोई राशि लेना शेष न हो तो पूर्ण राशि वापस की जाएगी अन्यथा समावेश कर शेष राशि लौटाई जाएगी ।
    अनुबंध में अंकित तारीख एवं कालावधि के पश्चात् आंवटित आवास का आवंटन स्वत% ही निरस्त माना जाएगा । ऐसी दशा में आवंटिती आवास को रिक्त करने के लिए उत्तरदायी होगा ।
  • 31. शासकीय आवास का उचित रख-रखाव
  • (1) प्रत्येक आवंटिती उन्हें आवंटित शासकीय आवास और उसके परिसर को यथास्थिति , मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम के समाधार अनुसार सही दशा में रखेगा । आवास से जुडे किसी बगीचे, प्रांगण अथवा अहाते में मध्यप्रदेश शासन अथवा लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी अनुदेशों के विपरीत कोई वृक्ष को बिना लिखित अनुज्ञा से नहीं काटेगा । खतरनाक वृक्षों की कटाई के लिए मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग को आवेदन दिया जा सकेगा ।
  • (2) प्रत्येक आवंटिती शासकीय भवन एवं उससे जुडे हुए किसी भाग, जिसमे गैरेज, अस्थायी शेड, सर्वेन्ट क्वार्टर, जल संग्रह टंकी इत्यादि का समाधानप्रद रूप से रख-रखाव करेगा । स्वच्छता एवं पर्यावरण का स्वास्थ्यवर्धक बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करेगा ।
  • (3) आवंटिती शासकीय आवास में किसी प्रकार का परिवर्तन अथवा परिवर्धन बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से नहीं करेगा ।
  • 32. शासकीय आवास का उप किराएदारी पर प्रतिबंध
  • (1) आवंटित आवास अथवा उससे संबद्व किसी आउट हाउस, गैरेज आदि में किसी अन्य व्यक्ति के साथ भागीदारी नहीं की जाएगी । बाह्य गृह (आउट हाउस) ,गैरेज तथा अस्थायी शेड का उपयोग केवल वास्तविक प्रयोजनार्थ, जिसमें आवंटिती के नौकर का रहना शामिल है अथवा संपदा संचालक द्वारा यथास्वीकृत अन्य प्रयोजनों के लिए किया जा सकेगा ।
  • (2) कोई भी आवंटिती शासकीय आवास अथवा उसका कोई भाग उप किराए पर नहीं देगा ।
  • (3) लधुमूल कार्य के अंतर्गत किए गए निर्माण कार्य शासकीय भवन के अभिन्न अंग होंगे । इसका उपयोग जिस कार्य के लिए निर्माण किया गया है, उसी प्रयोजन के लिए किया जा सकेगा ।
  • (4) संपदा संचालक अथवा लोक निर्माण विभाग के ध्यान में किसी शासकीय आवास की उप किरायदारी अथवा आवासीय प्रयोजन से भिन्न उपयोग में लाया जाना पाए जाने पर ऐसे आवंटिती का आवंटन निरस्त किया जाएगा । उप किराएदारी एवं आवास से भिन्न प्रयोजन की कालावधि का मासिक लायसेंस शुल्क प्रचलित बाजार दर की दुगुनी दर से संबंधित आवंटिती से वसूल किया जाएगा और यह भी कि ऐसे शासकीय अधिकारी / कर्मचारी को अगले पांच वर्ष तक कोई शासकीय आवास आवंटन की पात्रता नहीं होगी ।
  • 33. शासकीय आवासो का गैर आवासीय प्रयोजन हेतु आवंटन अथवा उपयोग पर प्रतिबंध ।
    पूल के शासकीय आवासो का आवंटन इन नियमों के अधीन केवल आवासीय उपयोग हेतु ही किया जाएगा । गैर आवासीय प्रयोजन के लिए इन आवासों का आवंटन नहीं किया जा सकेगा । पंरतु यदि किसी आवंटिती ने आवंटित आवास का प्रयोग गैर आवसीय प्रयोजन के लिए किया है तो आवंटन निरस्त करते हुई बेदखल किया जाएगा तथा अनधिकृत उपयोग की अवधि के लिए उस आवंटिती से निर्धारित बाजार दर की दुगुनी दर से लायसेसं शुल्क वसूल किया जाएगा । 34. आवंटन रदद् हो जाने के बाद आवास में रहना
    (1) जिन आवंटितियोे पर लायसेंस शुल्क की राशि बकाया हो और मांग की सूचना संपदा संचालनालय द्वारा जारी करने के पश्चात् भी जमा नहीं की गई हों ऐसे व्यक्तियों के विरूद्व भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल करने के लिए राजस्व वसूली मांगपत्र (आरआरसी) जारी की जाएगी ।
    (2) जिस आवंटिती का आवंटन निरस्त कर दिया गया है उस आवंटिती के विरूद्व मध्यप्रदेश लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974, के अधीन कार्यवाही करने के लिए संपदा संचालनालय द्वारा निदर्ेश दिए जाएगें । 35. नियम एवं शर्तो के भंग का परिणाम
    (1) यदि , वह आवंटिती, जिसे आवास आवंटित किया गया है, अप्राधिकृत रूप से आवास किराए पर देता है, आवास के किसी भाग में कोई अनधिकृत निर्माण करता है या आवास से भिन्न प्रयोजन से उपयोग करता है अथवा विद्युत या जल कनेक्शन को बिगाडता है अथवा आवंटन आदेशों के निबंधनों और शर्तो का उल्लघन करता है अथवा नियमित रूप से स्वंय निवास नहीं करता है अथवा स्वंय ऐसा आचरण करता है, जो पडोसियों के शांति पूर्ण संबधों को बनाए रखने के प्रतिकुल हो अथवा आवास आंवटन प्राप्त करने की दृष्िट से किसी आवेदन या लिखित कथन में कोई असत्य जानकारी जानबूझकर देता है तो संपदा संचालक ऐसे आवंटिती के विरूद्व अनुशासनिक कार्यवाही में प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देकर उस निवास स्थान का आवंटन रद्द कर सकेगा ।
  • स्पष्टीकरण
  • (1) इस उप नियम में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, आवंटिती एँव अधिकारी/कर्मचारी के अंतर्गत उसके कुटुम्ब का कोई सदस्य और ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी के माध्यम से दावा करने वाला कोई व्यक्ति भी सम्मिलित है ।
  • (2) यदि कोई आवंटिती एवं अधिकारी /कर्मचारी आवंटित आवास से किसी स्थान, भाग या संलग्न संरचना को इन नियमांे का उल्लघन करते हुए उप-किराए पर देता है , किसी अन्य अनधिकृत व्यक्ति को उपयोग करने देता है तो उससे ऐसी कालावधि के लिए प्रचलित बाजार दर से मासिक लायसेंस शुल्क दुगुनी दर से वसूल किया जाएगा।
  • (3) उपर्युक्त उप नियम 1 या 2 के उपंबंधों का उल्लधंन करने पर संचालक संपदा सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देकर इस निवास स्थान का आवंटन रदद् कर सकेगा तथा आवंटिती तथा उसके साथ रहने वाले दूसरे व्यक्ति को परिसर खाली करने के लिए सात दिन का समय देगा ।
  • (4) कोई भी आवंटिती, जो शासकीय अधिकारी/कर्मचारी है , इन नियमों / अनुदेशों का उल्लघंन करता है तो संबंधित आवंटिती पर लागू होने वाले सेवा आचरण नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की जा सकेगी ।

अध्याय - दस



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 लायसेंस शुल्क


  • 36. लायसेंस शुल्क का निर्धारण एवं वसूली (1) मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग नियमावली, 1983 के उपबंधों के अंतर्गत शासकीय आवासों का मासिक लायसेंस शुल्क निर्धारित किया जाएगा ।
    (2) शासकीय सेवक, जिन्हें शासकीय आवास गृह आवंटित किया गया हो, निर्धारित लायसेंस शुल्क नियमित रूप से भुगतान करने हेतु उत्तरदायी होगें । मध्यप्रदेश कोष संहिता भाग-1 के पूरक नियम 214 के अनुसार कार्यालय प्रमुख, जो उस शासकीय सेवक के वेतन तथा भत्तां का आहरण करते है , का यह उत्तरदायित्व है कि वे शासकीय सेवक के आधिपत्य के आवास गृह की विधिवत् मासिक लायसेंस शुल्क की निर्धारित राशि की वसूली कर शासकीय कोष में जमा करें ।
    (3) कार्यालय प्रमुख एवं आहरण /संवितरण अधिकारी का यह दायित्व होगा कि (क) हर मास जब कार्यालय का वेतन देयक तैयार किया जाए, उसके साथ कार्यालय प्रमुख / आहरण एँव संवितरण अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त निम्न प्रमाण पत्र वेतन देयक में अंकित किया जाय
    प्रमाण पत्र प्रमाणित किया जाता है कि इस देयक में जिन अधिकारियों एवं ंकर्मचारियों के आधिपत्य में शासकीय आवास है, उनके वेतन से निम्नानुसार निर्धारित मासिक शुल्क की राशि काटी गई है । यदि कार्यालय प्रमुख / आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा देयक में इस प्रकार का प्रमाण पत्र अंकित नहीं किया जाता है तो कोषालय अधिकारी भुगतान के पूर्व इस प्रकार का प्रमाण पत्र बिल में अंकित करने के बाद ही देयक का भुगतान प्राधिकृत करेंगे । (4) जब कोई कर्मचारी / अधिकारी स्थांनातरित होता है तो उस समय उसके अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (लास्ट पे सटर्ीफिकेट ) में यह दर्शाया जाएगा कि उससे शासकीय आवास गृह का नियमानुसार लायसेंस शुल्क वसूल कर लिया गया हैं । बकाया राशि हो तो उसका स्पष्ट रूप से उल्लेख अंतिम वेतन प्रमाणपत्र में किया जाएगा । इसकी प्रतिलिपि भोपाल से बाहर स्थानांतरित होने पर सचंालक संपदा के कार्यालय को अनिवार्य रूप से दी जाएगी । आवास रिक्त करने का प्रमाण पत्र यदि प्रस्तुत नहीं किया हैं तो नियमानुसार किराया वेतन से काटने का स्पष्ट उल्लेख किया जाए । (5) कोषालय अधिकारियों यह कत्र्तव्य होगा कि मध्यप्रदेश कोष संहिता भाग-1 के पूरक नियम 214 'बी' के अनुसार वेतन देयक के भुगतान के पश्चात् आवश्यक प्रमाण पत्र तथा कटौत्रे के शेड्यूल की प्रतिया संपदा संचालक को उपलब्ध कराए जाने की उपयुक्त व्यवस्था करेंगे ताकि संपदा संचालक द्वारा तैयार किए गए अभिलेखों में मासिक लायसेंस शुल्क की कटौत्री की राशि समुचित रूप से इन्द्राज हो सके ।
    (6) प्रत्येक कार्यालय प्रमुख / आहरण एवं संवितरण अधिकारी का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह शासकीय सेवक के स्थंानातरण, सेवानिवृत , त्यागपत्र , सेवा से प्ृाथक करने , लम्बे अवकाश पर जाने, पदावनत होने एवं दिवंगत होने की लिखित सूचना संचालक , संपदा संचालनालय को दें । ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी , जिन्हें शासकीय आवास आवंटित है, यदि किन्हीं कारणोंवश उनके वेतन से लगातार दो माह तक या इससे अधिक कालावधि में निर्धारित लायसेंस शुल्क की कटौत्री नहीं हो रही है तो ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूचना अनिवार्य रूप से संपदा सचालक को दी जाएगी । 37. वेतनमान के आधार पर आवास की पात्रता एवं लायसेंस शुल्क की दरों का निर्धारण
    (1) शासकीय सेवक को सामान्य रूप से वेतनमान के आधार पर निर्धारित श्रेणी के आवास आवंटन की पात्रता होगी तथा आवास की श्रेणी के आधार पर मासिक लायसेंस शुल्क की दर निर्धारित की जाएगी । राज्य शासन इन दरों का पुनर्निर्धारण तथा संशोधन कर सकेगा । वर्तमान मे यह वेतनमान के आधार पर आवास की पात्रता एवं लायसेंस शुल्क की दरें मूलभूत नियम 45ए, 45 बी एवं बाजार दर परिशिष्ट -चार के अनुसार निर्धारित हैं ।
    (2) आवंटित आवास गृह के लायसेंस शुल्क की गणना :- शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी को शासकीय आवास गृह के आवंटन के फलस्वरूप उनसे लिए जाने वाले लायसेंस शुल्क की गणना निम्नानुसार की जाएगी ।
    (क) जिन शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासकीय आवास आवंटित है और उनके अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य के नाम से कोई निजी मकान पदस्थापना वाली जगह में नहीं है तो उनसे लायसेंस शुल्क मूलभूत नियम 45ए के अधीन लिया जाएगा।
    (ख) जिन शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पदस्थापना वाली जगह में स्वंय या उनके परिवार के किसी सदस्य के नाम निजी मकान है तो उनसे लायसेंस शुल्क मूलभूत नियम 45बी के अधीन लिया जाएगा । 38. शासकीय कर्मचारी के देहावसान की स्थिति में आवास रखने की अनुज्ञा एवं लायसेंस शुल्क का निर्धारण शासकीय सेवा के समय किसी अधिकारी एवं कर्मचारी का देहावसान होने पर उसके परिवार को एक वर्ष की कालावधि तक आवास गृह रखने की अनुज्ञा दी जाएगी। यदि किसी विशेष प्रकरण में उसकी विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इसमें शिथिलीकरण करके आवास गृह रखने की अनुज्ञा देनी है तो उस अवधि का लायसेंस शुल्क निम्नानुसार लिया जाएगा ।
    (1) प्रथम वर्ष में शासकीय आवास का लायसेंस शुल्क दिवंगत कर्मचारी से लिए जाने वाले लायसेंस शुल्क के बराबर लिया जाएगा ।
    (2) एक वर्ष के बाद और शिक्षा सत्र समाप्त होने (31 मई तक ) दिवंगत शासकीय कर्मचारी से लिए जाने वाले लायसेंस शुल्क के अतिरिक्त 10 प्रतिशत अधिक लिया जाएगा ।
    (3) इसके पश्चात् भी आवास रिक्त नहीं किया गया तो नियम 16 के उपनियम (7) के अनुसार बाजार दर की दुगुनी दर से लायसेंस शुल्क वसूल किया जाएगा । 39. एक से अधिक आवास रखने पर देय लायसेंस शुल्क
    यदि कोई शासकीय कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य किसी समय एक से अधिक शासकीय आवास रखता है तो अधिक आवास रखने की कालावधि में किसी एक आवास को छोडकर शेष आवास के लिए बाजार दर की दुगुनी दर से लायसेंस शुल्क वसूल किया जाएगा । 40. मृतक कर्मचारी के पक्ष में बकाया लायसेंस शुल्क की राशि
    (1) मृतक कर्मचारी के पक्ष में लायसेंस शुल्क की यदि कोर्ई राशि बकाया है तो संचालक संपदा बकाया राशि को दर्शाने वाला एक विवरण मृतक कर्मचारी के कार्यालय प्रमुख अथवा आहरण एवं संवितरण अधिकारी को भेजेगा और बकाया राशि वसूल करने के लिए सूचित करेगा । ऐसी बकाया राशि मृतक कर्मचारी की गे्रच्युटी या अन्य देयकों से वसूल की जाएगी ।
    (2) मृतक कर्मचारी के निकट संबधी द्वारा यदि आवास आवंटन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जाए तो ऐसे निकट संबंधी भी मृतक कर्मचारी के विरूद्व बकाया राशि देने के लिए दायित्वाधीन होंगे । 41. आवास गृहों के लिए किराए का लेखा-जोखा तथा अंमाग प्रमाण पत्र . आवास गृहों के लिए किराए का लेखा-जोखा - भोपाल स्थित पूल के शासकीय आवास गृह के किराए कटौत्रे का लेखा-जोखा संचालक, संपदा के कार्यालय में रखा जाएगा।

अध्याय - ग्यारह



भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम, 2000 प्रकीर्ण


  • 42. लधुमूल कार्यो का संपादन
    (1) भोपाल स्थित शासकीय आवासों का संधारण मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा । मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग की नियमावली एवं सामान्य पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अधीन ऐसे लधुमूल कार्य, जिसमें किसी शासकीय आवास का संरचनात्मक स्वरूप में परिवर्तन एवं परिवर्धन के कार्य नहीं लिए जाएगें, जिनसे आवास की श्रेणी के कारपेट क्षेत्रफल में आधारभूत परिवर्तन हो जाए । इन कार्यो के अधीन गैरेज निर्माण (यदि पूर्व में निर्मित न हो) , पोर्च , पानी की टंकी, किचिन प्लेट फार्म , वाश-बेसिन , ओव्हर हेड टेंक, मच्छर जाली , फर्शीकरण , दरवाजे एवं खिडकियां लगाने, अलमारी , पेलमेट लगाना, कोर्टयार्ड की दीवार उेंची करना, पानी की ंटंकी का बदलना, विद्युत फिटिंग करना , सीलिंग फेन लगाना, इत्यादि छोटे छोटे कार्य सम्मिलित किए जा सकेगें । ऐसे कार्य जो विलासिता की श्रेणी में आते है , जैसे गीजर, वाटर हीटिंग सिस्टम, एक्वागार्ड , संगमरमर , वातानुकुलन , टी व्ही, कम्प्यूटर ,डिस्क एँटीना इत्यादि कार्य लधुमूल कार्यो के अधीन नहीं किए जाएगें ।
    (2) लधुमूल कार्यो के प्राक्कलन लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार कर संपदा संचालनालय में प्रस्तुत किए जाएगें । बीस हजार रूपयें तक के निर्माण कार्यो के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति देने के अधिकार संचालक संपदा को होंगे । बीस हजार रूपयें से अधिक राशि के प्राक्कलित लधुमूल कार्यो की स्वीकृतियां मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग द्वारा जारी की जाएगी ।
    (3) लधुमूल कार्यो की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां, लोक निर्माण विभाग के संबधित कार्यपालन यंत्री को कार्य निष्पादित करने हेतु भेजी जाएगी । कार्य प्रारम्भ करने के पूर्व संंबंधित आवंटिती से , स्वीकृत राशि की 10 प्रतिशत राशि, अग्रिम रूप से लधुमूल कार्यो के मद में जमा की जाना अनिवार्य होगा ।
    43. नियमों का निर्वचन एवं कठिनाइयों का निराकरण
    यदि नियमों के निर्वचन के बारे में कोई प्रश्न उद्भूत होता है या कोई कठिनाई उप्पन्न होती है तो उस पर मध्यप्रदेश शासन का निर्णय अंतिम होगा ।

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